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टूटे दिल





टूटे दिल कहां जाते हैं? 
वो दुनिया का कौन सा कोना पकड़ के रोते हैं 
क्या वो पेड़ की किसी टहनी 
पे लटक के अपने को जाते हुए देखते हैं?
क्या वो बालकनी की रेलिंग 
पे बैठ के खिड़की से अंदर झांकते हैं?
क्या वो फोन के नोटिफिकेशन की 
घंटी पे पांव रख के फोन में घुसते हैं?
क्या वो सपने में तैर के 
इंसान के मन तक जाते हैं?
क्या वो आंखों में बस के 
पानी जैसे टपक जाते हैं?
या दूर कही बैठ के 
उसके ही सपने देखते हैं!

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