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आपके नाम










Hey Mommy
मेरी प्यारी दुलारी, 
बहुत दिनों से आपसे कुछ कहना था, आपसे ये कहना था की आप जिस तरह पिछले ९ सालों में उभरी है वो तारीफ के काबिल है। आप जिस तरह से खुद को देखने लगी है, वो मुझे अच्छा लगने लगा है। इन ९ सालों में मैंने आपको बदलते हुए देखा है। जब मैं ये लिख रही हूं तो तस्वीर से वो साल मेरे आंखो के सामने से गुजर रहे हैं। मैने आपको देखा है मुझे पंख देते हुए, और मैंने ये भी देखा है की आपने सीखा है खुद को पंख देना भी। हम अच्छे दोस्त बने हैं, ना जाने कितनी बातों का सिलसिला है हमारे बीच। इससे इतर भी हमारी एक दुनिया है औरतों कि, जिसमे आप और हम एक जगह पे खड़े होते हैं। और वो बहुत खूबसूरत दुनिया है। मुझे बेहद पसंद है आपसे हमारे बारे में बाते करना। और एक खूबसूरत बात ये है की हम साथ बड़े हो रहे है इस दुनिया में। 

Comments

Tarjan Sahu said…
Mother is ❤

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कमरा नंबर 220

बारिश और होस्टल आहा! सुकून। हेलो दी मैं आपकी रूममेट बोल रहीं हूं, दरवाजा बंद है, ताला लगा है। आप कब तक आयेंगी।  रूममेट?  रूममेट, जिसका इंतजार मुझे शायद ही रहा हो। कमरा नंबर 220 में एक शख्स आने वाला है। कमरा नंबर 220, जो पिछले 2 महीनों से सिर्फ मेरा रहा है। सिर्फ मेरा।  मैंने और कमरा नंबर 220 ने साथ-साथ कॉलेज की बारिश देखी है। अहा! बारिश और मेरा कमरा कितना सुकून अहसास देता है। बारिश जब हवा के साथ आती है तो वो कमरे की बालकनी से अंदर आके करंट पानी खेल के जाती है। कमरा, जिसपे मेरा एकाकिक वर्चस्व रहा है। कमरा, जिसमे मैं कॉलेज से आते ही धब्ब से बिस्तर पर पड़ के पंखे के नीचे अपने बाल खोल कर बालकनी से बाहर बादल देखा करती हूं। कमरा, जिसे मैंने अब तक अकेले जिया है।  हेलो? हां, मैं अभी ऑडिटोरियम में हूं, तुम कहां हो? मैं होस्टल में हूं। कमरे के बाहर। कितने देर से खड़ी हो? सुबह से ही आई हूं। ऑफिस का काम करा के ये लोग रूम अलॉट किए है।  अच्छा..... यार मैं तो 6 बजे तक आऊंगी। तुम उम्मम्म.... तुम्हारे साथ कोई और है? पापा थे चले गए वो। अच्छा, सामान भी है? हां, एक बैग है। अभी आना ...

भगवान

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